23 March 2010

२३ मार्च, १९३१

आज से ठीक ७८ वर्ष पहले, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु ने हँसते-हँसते फांसी के फंदे को चूमा था. कभी ना मरने वाले उस जज़्बे को सलाम.


९ अप्रैल, १९२९ को केंद्रीय सभागार में फेंके गए पर्चे में लिखा था.....................
"It is easy to kill individuals but you cannot kill the ideas. Great empires crumbled while the ideas survived."
इंक़लाब जिंदाबाद
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